संविधान का अनुच्छेद 20 कुछ मामलों में अपराध की दोषसिद्धि यानी Conviction for offences के विरुद्ध सुरक्षा की गारण्टी देता है. इसका अर्थ य़ह है कि किसी को अपराधी सिद्ध करने के लिए कोई भी कदम उठाने के लिए कोई भी स्वतंत्र नहीं है. संविधान अभियुक्त को भी स्वयं के बचाव का पूरा अवसर ही नहीं देता बल्कि कुछ मामलों में तो सुरक्षा की गारंटी भी देता है. अनुच्छेद 20 का क्लॉज वन कहता है कि Ex Post Facto विधि निर्माण नहीं किया जा सकता यानी Retrospective Criminal Legislation या पूर्व प्रभावी आपराधिक कानून नहीं बनाए जा सकते. अनुच्छेद 20 का क्लॉज टू कहता है कि Double Jeopardy नहीं हो सकता यानी एक ही अपराध के लिए दो बार दण्डित नहीं किया जा सकता. क्लॉज थ्री कहता है कि Self incriminating यानी आत्म दोषारोपण यानी स्वयम के विरुद्ध साक्ष्य देने के लिए किसी को बाध्य नहीं किया जा सकता है. दोस्तों Ex Post Facto यानी Retrospective यानी पूर्व प्रभावी कानून के विरुद्ध अनुच्छेद 20 के क्लॉज वन में प्रावधान किया गया है जिसके अन्तर्गत य़ह स्पष्ट किया गया है कि किसी व्यक्ति को तब तक अपराधी घोषित नहीं किय...
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