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मार्च, 2024 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Right to life and personal liberty

 संविधान का अनुच्छेद 20 कुछ मामलों में अपराध की दोषसिद्धि यानी Conviction for offences के विरुद्ध सुरक्षा की गारण्टी देता है. इसका अर्थ य़ह है कि किसी को अपराधी सिद्ध करने के लिए कोई भी कदम उठाने के लिए कोई भी स्वतंत्र नहीं है. संविधान अभियुक्त को भी स्वयं के बचाव का पूरा अवसर ही नहीं देता बल्कि कुछ मामलों में तो सुरक्षा की गारंटी भी देता है. अनुच्छेद 20 का क्लॉज वन कहता है कि Ex Post Facto विधि निर्माण नहीं किया जा सकता यानी Retrospective Criminal Legislation या पूर्व प्रभावी आपराधिक कानून नहीं बनाए जा सकते. अनुच्छेद 20 का क्लॉज टू कहता है कि Double Jeopardy नहीं हो सकता यानी एक ही अपराध के लिए दो बार दण्डित नहीं किया जा सकता. क्लॉज थ्री कहता है कि Self incriminating यानी आत्म दोषारोपण यानी स्वयम के विरुद्ध साक्ष्य देने के लिए किसी को बाध्य नहीं किया जा सकता है. दोस्तों Ex Post Facto यानी Retrospective यानी पूर्व प्रभावी कानून के विरुद्ध अनुच्छेद 20 के क्लॉज वन में प्रावधान किया गया है जिसके अन्तर्गत य़ह स्पष्ट किया गया है कि किसी व्यक्ति को तब तक अपराधी घोषित नहीं किय...

Freedom of Press

भारत के संविधान में प्रेस की स्वतंत्रता की गारण्टी का कोई अलग से प्रावधान नहीं है. प्रेस की स्वतंत्रता अनुच्छेद 19 क्लॉज 1 में प्रदत्त बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में ही शामिल है. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ सिर्फ अपने विचारों को व्यक्त करना ही नहीं बल्कि दूसरों के विचारों को भी प्रिन्ट या अन्य माध्यम से व्यक्त करना भी है. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी अन्य मौलिक अधिकारों की तरह ही 19(2) के अन्तर्गत तर्कसंगत प्रतिबंधों के अधीन है. समाज के व्यापक हित में राज्य की सुरक्षा, भारत की संप्रभुता एवं अखण्डता, विदेशी राज्यों से मैत्री सम्बंध, अवमानना या किसी अपराध के उकसावे की स्थिति में सरकार कानून बनाकर प्रेस की स्वतंत्रता पर तर्कसंगत प्रतिबंध लगा सकती है. सभी सम्भावित परिस्थितियों में प्रेस को असीमित और निरंकुश स्वतंत्रता प्रदान करना अव्यवस्था और अराजकता को निमंत्रण देने जैसा है. दोस्तों समाचार पत्र वास्तव में अभिव्यक्ति के स्वतंत्रता के माध्यम हैं. विचारों की अभिव्यक्ति की भी अपनी एक सीमा और जिम्मेदारी होनी चाहिए. यदि कोई नागरिक संविधान के अनुच्छेद 19(1) के अन्तर्गत प्र...

अनुच्छेद 19 स्वतंत्रता का अधिकार

 दोस्तों बहुत सारे नकारात्मक अधिकारों के अलावा भारतीय संविधान बहुत सारे सकारात्मक अधिकार भी देश के नागरिकों को प्रदान करता है ताकि संविधान के प्रस्तावना यानी Preamble में दिए गए स्वातंत्र्य के महान आदर्शों को आगे बढ़ाया जा सके. इन्हीं में से संविधान के अनुच्छेद 19 के अन्तर्गत ऐसे मौलिक अधिकार दिए गए हैं जो भारत के प्रत्येक नागरिक को मूल स्वतंत्रता प्रदान करते हैं. दोस्तों वैसे तो मूल संविधान में कुल सात प्रकार के स्वतंत्रता की गारण्टी संविधान दी गयी थी परन्तु 44 वें संविधान संशोधन 1978 के माध्यम से सम्पत्ति रखने और क्रय-विक्रय के अधिकार को समाप्त कर दिया गया परिणामस्वरुप अब वह सिर्फ एक साधारण वैधिक अधिकार है. दोस्तों सम्पत्ति के अधिकार की समाप्ति के बाद अब छह प्रकार की स्वतंत्रता देश के नागरिकों को उपलब्ध हैं. संविधान का अनुच्छेद 19 क्लॉज 1 कहता है कि भारत के सभी नागरिकों को अधिकार होगा पहला वाक और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता यानी Freedom of speech and expressions. दूसरा बिना किसी अस्त्र के शांतिपूर्ण सभा करने का अधिकार यानी Freedom of assembly peaceably wothout arms .तीसर...

अनुच्छेद 18 , Abolition of Titles

 अँग्रेजी शासन के दौरान विदेशी सरकार लोंगों को उपाधियां यानी Titles दिया करती थी भारत के अन्दर अंग्रेजों के प्रति समर्पित एक तबका खड़ा किया जा सके जो अंग्रेजों के प्रति निष्ठावान हो. देश के राष्ट्रवादी नेता य़ह कहकर इसका विरोध करते थे कि ब्रिटिश सरकार अपने साम्राज्यवादी मंसूबों को अन्जाम देने के लिए और सार्वजनिक जीवन को भ्रष्ट बनाने के लिए उपाधियां प्रदान कर रही है. दोस्तों जब आजादी मिलने के बाद भारत का संविधान लागू करने की बात आयी तो सरकार द्वारा उपाधियां प्रदान करने की दुरूपयोगी परम्परा को प्रतिबंधित करने की मांग उठी. परिणामस्वरुप संविधान ने स्पष्ट तौर पर राज्य द्वारा किसी भी प्रकार की उपाधियां प्रदान करने पर प्रतिबंध लगा दिया ताकि सत्ता का दुरुपयोग रोका जा सके.दोस्तों, ध्यान देने वाली बात यह है कि य़ह प्रतिबंध सिर्फ राज्य के विरुद्ध है परन्तु दूसरे सार्वजनिक संस्थाएँ जैसे विश्वविद्यालय पर कोई रोक नहीं है वे अपने विशिष्ट प्रतिभा के धनी लोंगों को उपाधियों से सम्मानित कर सकते हैं और इस उपाधियों का प्रयोग उनके नाम के साथ किया जा सकता है. दोस्तों, राज्य द्वारा मिलिटरी और ...